शायरी - 1
दिल की बातों को आज कहना है तुमको,
धड़कन बनके तेरे दिल में रहना है हमको,
कही रुक ना जाए यह मेरी साँसें,
इसलिए हर पल तेरे साथ जीना है हमको।
शायरी - 2
जरा छू लूं तुमको मुझको यकीन आ जाए,
लोग कहते हैं कि मुझे साए से मोहब्बत है।
शायरी - 3
मेरा हर लम्हा चुराया आपने,
आँखों को एक ख्वाब देखाया आपने,
हमें ज़िंदगी दी किसी और ने,
पर प्यार में जीना सिखाया आपने।
शायरी - 4
ज़िन्दगी तुम मेरी बन जाओ रब से और क्या माँगू,
जीने की वजह बन जाओ बस ये ही दुआ माँगू।
शायरी - 5
हम आपके प्यार में कुछ ऐसा कर जायेंगे,
बन कर खुशबू इन हवाओं में बिखर जायेंगे,
भुलाना अगर चाहो तो साँसों को रोक लेना,
वरना साँस भी लोगे तो दिल में उतर जायेंगे।
शायरी - 6
लाजवाब कर देते हैं तेरे खयाल दिल को,
मोहब्बत तुझसे अच्छा तेरा तसव्वुर है।
शायरी - 7
खुशबू की शुरुआत बहार से होती है,
दिन की शुरुआत तेरे दीदार से होती है,
हमे इंतज़ार है तेरा सदा का क्यूंकि,
प्यार की शुरुआत इजहार से होती है।
शायरी - 8
ज़िक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा,
गिरते हैं आँसू बनता है नाम तेरा,
किसी और को क्यों देखे ये आँखें,
जब दिल पे लिखा सिर्फ नाम तेरा।
शायरी - 9
अपनी प्यारी आँखों मे छूपालो मुझको,
मोहब्बत तुम से हैं चुरालो मुझको,
धूप हो या सेहर तेरा साथ चलेंगे हम,
यक़ीन ना हो तो आज़मा लो मुझको,
तेरे हर दुख को सह लेंगे हंस के हम,
अपने वजूद की चादर बना लो मुझको,
ज़िंदगी भी तेरे नाम कर दी है हमने,
बस चंद लम्हे सीने से लगा लो मुझको।
शायरी - 10
खुदा जाने मोहब्बत कौन-सी मंजिल को कहते हैं,
न जिसकी इब्तिदा ही है, न जिसकी इंतिहा ही है।
शायरी - 11
इतनी शिद्दत से मुझको ना देखा करो,
लुट ना जाए कहीं मेरी दीवानगी,
सनम ऐसे पत्थर ना पूजा करो,
मिल ना जाए उसे भी कहीं जिंदगी।
शायरी - 12
दिन में कब भला रात की रानी ने फ़िज़ा महकाई है,
इसीलिए शायद शहर सोया और तेरी खुश्बू आई है।
शायरी - 13
आखों की गहराई में तेरी
खो जाना चाहता हूँ
आज तुझे बाँहों में लेकर
सो जाना चाहता हूँ
तोड़ कर हदे मैं आज सारी
अपना तुझे बना लेना चाहता हूँ।
शायरी - 14
हम पीना चाहते है उनकी निगाहों से,
हम जीना चाहते हैं उनकी पनाहों में,
हम चलना चाहते हैं उनकी राहों में,
हम मरना चाहते हैं उनकी बाहों में।
शायरी - 15
सकून मिलता है जब उनसे बात होती है,
हज़ार रातों में वो एक रात होती है,
निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ,
मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है।
शायरी - 16
हमने जो की थी मोहब्बत वो आज भी है,
तेरे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है,
रात कटती है आज भी ख्यालों में तेरे,
दीवानों सी मेरी वो हालत आज भी है,
किसी और के तसब्बुर को उठती नहीं,
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है।
शायरी - 17
तुम्हारे साथ खामोश भी रहूँ तो बातें पूरी हो जाती हैं..
तुम में, तुम से, तुम पर ही मेरी दुनिया पूरी हो जाती है।
शायरी - 18
मुझ पर जो बीती वो दास्तान सुनाउं कैसे,
जख्म दिल में हुए है तुम्हे दिखाउं कैसे,
अगर गैर होता तो भुला देता मैं उसको,
अपनों से भी अपना था उसको भुलाउं कैसे,
देखता हूं उसकी तस्वीर अश्क बहने लगते है,
आंखों में इन अश्कों को अब छुपाउं कैसे,
याद उसकी तन्हा होने का अहसास दिलाती है मुझको,
इस तन्हाई से पीछा अब मैं छुडाउं कैसे,
जी रहा है वो मेरे बिन नयी दुनियां बसाके,
मेरी दुनिया थी वो उसके बिन जिन्दगी बिताउं कैसे,
इतना कमजोर हो गया खुद को मिटा भी नहीं सकता,
दिल में बसी है तस्वीर उसकी खंजर चलाउं कैसे,
शायरी - 19
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त,
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
शायरी - 20
दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है,
बातें करने का अंदाज हुआ करता है,
जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती,
सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है।
Bindass
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